राजस्थान में फर्जी FMGE प्रमाणपत्र मामले की जांच तेज, विदेश से MBBS करने वाले 8 हजार डॉक्टर SOG के रडार पर
Investigation into the fake FMGE certificate case in Rajasthan intensifies
जयपुर। Investigation into the fake FMGE certificate case in Rajasthan intensifies, विदेश से एमबीबीएस करने वाले करीब आठ हजार चिकित्सक राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के रडार पर हैं। आरोप है कि इनमें से कई चिकित्सकों ने भारत में अनिवार्य अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नात्तक परीक्षा (एफएमजीई) पास किए बिना फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करवाए और उसी के जरिये राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में पंजीकरण करा लिया।
पंजीकरण के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी मेडिकल कालेजों में इंटर्नशिप भी पूरी कर ली, कई चिकित्सक वर्तमान में अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। मामले की जांच कर रही एसओजी ने अब तक 100 से अधिक संदिग्ध चिकित्सकों की पहचान की है।
इनमें से 26 चिकित्सकों सहित फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने वाले गिरोह के तीन सदस्य भानाराम माली, शुभम इंद्रराज तथा आरएमसी के पूर्व पंजीयक डॉ. राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। अबतक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 30 हो गई है।
ताजा कार्रवाई में एसओजी ने डीग जिले निवासी चरण सिंह को गिरफ्तार किया। उसने कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन असफल रहने पर 24 लाख रुपये देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया। इसी आधार पर आरएमसी में पंजीकरण कराया और धौलपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप भी पूरी कर ली।
एसओजी की जांच में देशव्यापी गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं, जो 20 से 25 लाख रुपये लेकर फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। फरवरी में इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई। एसओजी कजाकिस्तान, जार्जिया, रूस, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और चीन से एमबीबीएस करने वाले ऐसे चिकित्सकों की विशेष जांच कर रही है जो बार- बार एफएमजीई में फेल हो रहे हैं।
विशाल बंसल, अतिरिक्त महानिदेशक एसओजी ने बताया कि विदेश में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने से पहले एफएमजीई पास करना पड़ता है। कई छात्रों ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरएमसी में पंजीकरण करवा लिया है। एसओजी के महानिरीक्षक अजयपाल लांबा इस मामले की जांच कर रहे हैं।